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तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय गुरूकुल महासम्मेलन का समापन
By Gaurav Kashyap On 8 Jul, 2018 At 02:24 PM | Categorized As Haridwar, Uttarakhand | With 0 Comments

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  • गौरव कश्यप

हरिद्वार 8 जुलाई। गुरूकुल कांगडी विश्वविद्यालय के परिसर में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय गुरूकुल महासम्मेलन का समापन आज हुआ। जिसमें देश—विदेश से आए चार हजार से ज्यादा आर्यसमाजियों ने भाग लिया। सम्मेलन के समापन में आर्यसमाज के विभिन्न संस्थाओं की एकता का संकल्प लिया गया और केंद्र सरकार से वैदिक शिक्षा बोर्ड बनाने की मांग की गई।

समाज में व्याप्त कुरीतियों और अंधविश्वास को दूर करने के लिए आर्य समाज के आंदोलन को फिर एक बार व्यापक रूप से चलाने का ऐलान किया गया। समापन समारोह में प्रस्ताव पारित किया गया कि गुरूकुल को केंद्रीयकृत कर वैदिक संस्कृत, गुरूकुल शिक्षा प्रणाली को पुर्नस्थापित कर मौजूदा शिक्षा प्रणाली का विकल्प बनाया जाए। योगगुरू स्वामी रामदेव द्वारा आर्य समाज की विभिन्न संस्थाओं को एकजुट करने के प्रयासों की भूरि—भूरि प्रशंसा की गई। साथ ही पूरे देश में वेद विज्ञान सम्मेलन आयोजित करने का फैसला लिया गया।

समापन समारोह के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद्र अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड में संस्कृत भाषा के विकास के लिए विधानसभा द्वारा संस्कृत उन्नयन समिति का गठन किया गया है। सूबे की विधानसभा में मुख्यमंत्री, समस्त मंत्रियों, विधानसभा की विभिन्न समितियों के प्रमुखों, समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों के नाम पट्टिका में संस्कृत भाषा में लिखवाये गए हैं। उत्तराखंड देश का ऐसा पहला राज्य है जहां विधानसभा में संस्कृ​त उन्नयन विधानसभा समिति का गठन ​किया गया है।

समापन समारोह में बिहार के राज्यपाल सतपाल मलिक, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, वरिष्ठ पत्रकार डॉ वेद प्रताप वैदिक, स्वामी अग्निवेश, स्वामी आर्यवेश, प्रो. महावीर अग्रवाल, विधायक स्वामी यतिश्वरा नंद और आदेश चौहान ने अपने विचार रखे।

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