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समय से पहले प्रवासी पक्षियों ने दी दस्तक
By Gaurav Kashyap On 6 Nov, 2018 At 09:05 AM | Categorized As Haridwar, Uttarakhand | With 0 Comments

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  • गौरव कश्यप

हरिद्वार 6 नवंबर। अभी मौसम ने पूरी तरह से अंगड़ाई भी नहीं ली है, विदेशी मेहमानों का भारत की धर्म नगरी हरिद्वार की धरा पर आना शुरू हो गया है| बल्कि परिंदों ने हरिद्वार जलीय इलाकों में अपनी खूबसूरती से चहचाहट बिखरना शुरू कर दिया है| परिंदों के संगीत को सुनने के लिए राहगीर भी अपने पदचापों को थाम लेते है| परिंदों की गीत-संगीत को सुनने के लिए गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के जंतु एवं पर्यावरण विभाग के वरिष्ठतम वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर दिनेश चंद्र भट्ट की शोध टीम ने अलग-अलग स्थानों की विजिट की है |

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पेलिआर्कटिक क्षेत्र में शामिल मध्य एशिया, मंगोलिया, चीन, साइबेरिया व रूस के पूर्वी क्षेत्रों से आने वाले प्रवासी पक्षियों की कुछ प्रजातिया हरिद्वार के गंगा तटों पर पहुंच चुकी है। गुरुकुल कांगड़ी विश्विद्यालय के अन्तर्राष्ट्रीय पक्षी वैज्ञानिक प्रोफेसर दिनेश भट्ट ने बताया की प्रवासी पक्षियों की कुछ प्रजातिया जैसे जल काग, ब्लैकविंग इस्लिट, रीवर लैपविंग आदि प्रजातिया अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में ही हरिद्वार पहुंच चुकी थी जबकि चकवा-चकवी का एक समूह कल ही हरिद्वार के गंगा तटों पर पहुंचा है प्रोफेसर भट्ट ने बताया कि दूर देश से आए अन्य मेहमानो में इंडियन स्पॉटबिल्ड़ डक, वैगटेल यानी सुन्दर नेत्रों वाली खंजन, सैंड पाइपर,पलास गल्ल,रीवर टर्न, रेड़नेप्पड़ आइबिस और पिनटेल आदि भी हरिद्वार पहुंच चुके हैं। वहीं टील्स व मैलार्ड का समूह जल्द पहुंचेगे। मानसरोवर झील से उड़ान भर चुके राजहंस के दीदार भी नवंबर अंत तक हरिद्वारवासियों को हो सकेगे। प्रो. भट्ट ने बताया कि हिमालय के शिखरों से हरिद्वार व मैदानी क्षेत्रों में पहुंचने वाले पक्षियों में वैगटेल यानी सुन्दर नेत्रों वाली खंजन, रेड-स्टार्ट, वारबलर व फ्लाई कैचर की कई प्रजातियां हैं।

प्रो भट्ट ने बताया की अब तक प्रवासी पक्षियों की दस प्रजातिया हरिद्वार पहुंच चुकी है। इन प्रजातियो में से सात प्रजातिया मिस्सरपुर के गंगा घाटों पर पहुंची जबकि प्रवासी पक्षियों केवल तीन प्रजातिया ही भीमगोडा बैराज में पहुंची है। सूच्य है की विगत वर्षो की तुलना में इस वर्ष प्रवासी पक्षी लगभ्ग दस दिन पूर्व ही पधार चुके है, यह दर्शाता है की जलवायु परिवर्तन का प्रभाव प्रवासी पक्षियों के आवागमन पर भी पड़ता है। अक्टूबर माह में पहला जत्था जब हरिद्वार पहुचा तो औसत तापमान 21 डिग्री सेल्सियस था जबकि विगत वर्ष में यह तापमान नवंबर के प्रथम सप्ताह में पहुचा था।

उत्तरांचल संस्कृत विश्विद्यालय के पक्षी वैज्ञानिक डॉ विनय सेठी ने बताया की हिमालय की पक्षी प्रजातिया जैसे फैंटैल फ्लैकचेर, ब्लैक हेड रेड्स्टार्ट एवं ब्लैक बर्ड इत्यादि भी हिमलाय में बर्फ पड़ने के साथ ही हरिद्वार पहुचने लगी है ।

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