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महन्त बलवंत सिंह ने महन्त गोपाल सिंह पर अखाडे के लाखों रूपये के गबन का आरोप लगाया
By Gaurav Kashyap On 22 Dec, 2018 At 12:43 PM | Categorized As Haridwar, Uttarakhand | With 0 Comments

  • गौरव कश्यप

हरिद्वार 22 दिसंबर। श्री पंचायती अखाडा निर्मला के सचिव महन्त बलवंत सिंह ने अखाडे के निलं​बित कोठारी महन्त गोपाल सिंह पर अखाडे के लगभग साढे आठ लाख रूपये के गोलमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मेरे आरोप बिल्कुल सही है और अखाडे में रोजना हिसाब किताब होता है। हिसाब किताब का रोजनामचा रजिस्ट्रर में दर्ज होता है। महन्त गोपालसिंह अखाडे साढे आठ लाख रूपये अपने साथ ले गए। जो उन्होंने अखाडे में जमा नहीं किए। वे उन्हें अखाडे में तुरंत जमा करने चाहिए।

श्रीमहन्त ज्ञानदेव सिंह महाराज के प्रति​ अपनी गहरी निष्ठा और विश्वास जताया
महन्त बलवंत सिंह आज श्री पंचायती अखाडा निर्मला में पत्रकारों से बात कर रहे थे। वे आज श्रीमहन्त ज्ञानदेव सिंह महाराज से मिले और उनसे आ​शीर्वाद लिया और श्रीमहन्त ज्ञानदेव सिंह महाराज के प्रति​ अपनी गहरी निष्ठा और विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि उनके ​श्रीमहन्त जी से कभी भी मतभेद नहीं थे और उनकी निष्ठा हमेशा श्रीमहन्त जी के साथ रही है और आगे भी रहेगी। महंत बलवंत सिंह महाराज ने कहा कि श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज हमारे पूज्यनीय हैं। इन्हीं के सानिध्य में अखाड़े का चहुंमुखी विकास हो रहा है। अखाड़े की जिम्मेदारियों को बखूबी से निभा रहे कोठारी महंत जसविन्दर सिंह, मुखिया महंत कमलजीत सिंह सहित सभी संत महंत श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज के सानिध्य में एकजुट हैं।

कुछ गलत तत्व महन्त बलवंत सिंह और श्रीमहन्त ज्ञानदेव सिंह महाराज के बीच मतभेद कराकर अखाडे और निर्मलभेख को बांटना चाहते थे
उन्होंने बताया कि कुछ गलत तत्व उनके और श्रीमहन्त जी के बीच मतभेद कराकर अखाडे और निर्मलभेख को बांटना चाहते थे। परंतु उनकी ​कोशिशें कामयाब नहीं हो पायी और प्रयागराज कुंभ मेले में श्रीमहन्त जी के नेतृत्व में निर्मलभेख के सभी साधु—संत एकजुट होकर शामिल होंगे।

15 जनवरी को कुंभ का पहला शाही स्नान करेंगे निर्मल अखाडे के संत—महन्त
उन्होंने बताया कि श्रीमहन्त जी के नेतृत्व में ही निर्मलभेख के सभी संत प्रयागराज में 13 जनवरी को अखाडे के पेशवायी निकलेगी और 14 जनवरी को ध्वजारोहन होगा और 15 जनवरी को कुंभ का पहला शाही स्नान करेंगे। उन्होंने देश भर के निर्मल सम्प्रदाय के संतों महंतों व श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में प्रयागराज अर्द्धकुंभ मेले में शामिल होने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि प्रयागराज अर्द्धकुंभ मेला सनातन परंपराओं का प्रमुख पर्व है। संतों महापुरूषों के सानिध्य में अर्द्धकुंभ मेला सकुशल संपन्न होगा। आध्यात्मिक, अलौकिक व अद्भूत मेले में भाग लेकर ईश्वरीय शक्तियों को प्राप्त करें। श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह शास्त्री व महंत बलवंत सिंह महाराज ने कहा कि अखाड़े देश व संत समाज की शान हैं।

अखाडे के संपत्ति को भूमाफियाओं और कुछ संतों द्वारा खुर्द—बुर्द नहीं होने दिया जाएगा
महन्त बलवंत सिंह ने कहा कि निर्मल अखाडे के संपत्ति को भूमाफियाओं और कुछ संतों द्वारा खुर्द—बुर्द नहीं होने दिया जाएगा और निर्मला छावनी में बने फ्लैटों में श्रीमहन्त जी की इच्छा के अनुसार ही संत निवास बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ प्रॉपर्टी डीलर, भूमाफिया और असामाजिक तत्व उनसे पूरी छावनी अपने नाम लिखवाना चाहते थे। उन्होंने जब ऐसा करने से मना कर दिया तो वे उनकी जान के दुश्मन बन बैठे और अपने निजी स्वार्थ पूरे न होने पर उनपर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में जो गलती हुई है, उसे सुधारा जाएगा और भविष्य में कोई भूल नहीं होने दी जाएगी और अखाडे की संपत्ति को खुर्द बुर्द करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और भूमाफियाओं ने निर्मला छावनी में बने भवनों को लेकर ​हरिद्वार रूडकी विकास प्राधिकरण में जो कंपाउंड की अर्जी लगा रखी है। वे उसे वापस लेने जा रहे हैं।

महन्त बलवंत सिंह ने भूमाफियाओं और बिल्डरों के इशारे पर अखाडे के बाहर दिए गए धरने की कडे शब्दों में निंदा की
निलंबित कोठारी महन्त गोपाल सिंह पर आरोप लगाते हुए महन्त बलवंत सिंह ने कहा कि उन्हें हर हालत में अखाडे का हिसाब—किताब देना होगा। जब पुलिस के सामने यह तय हो गया था कि निर्मला छावनी में कोठारी और महन्त सतनाम सिंह रहेंगे उसके बाद श्री महन्तजी जी महन्त गोपाल सिंह को अखाडे में ले आए और उन्हें काम करने को कहा परंतु दस दिन बाद महन्त गोपाल सिंह खुद कोठारी पद से लिखित इस्तीफा देकर अखाडे से चले गए। जब उन्होंने खुद ही लिखित में इस्तीफा दे दिया तो उन्हें कोठारी पद पर दोबारा बहाल करने का मतलब ही नहीं रह जाता है। उन्हें धरना देने की बजाय श्री महन्त जी से क्षमा मांगनी चाहिए थी। महन्त बलवंत सिंह ने अखाडे के बाहर महन्त गोपाल सिंह और उनके ​साथियों द्वारा भूमाफियाओं और बिल्डरों के इशारे पर दिए गए धरने की कडे शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह अति निंदनीय है तथा इससे अखाडे और अखाडे के साधु संतों की गरिमा गिरी है।

कुंभ मेला करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र
कोठारी महंत जसविन्दर सिंह व मुखिया महंत कमलजीत सिंह महाराज ने कहा कि कुंभ मेला करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। इसमें करोड़ों श्रद्धालु मां गंगा में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य बनाते हैं और मां गंगा का आचमन लेकर गंगा मैया में स्नान करके अपने सभी दुखों से मुक्ति पाते हैं। अखाड़े के संतों ने महंत बलवंत सिंह की वापसी पर हर्ष व्यक्त किया है। इस अवसर पर मुखिया महंत प्यारा सिंह, महंत दर्शन सिंह, महंत सतनाम सिंह, महंत लक्ष्मण सिंह, महंत ज्ञान सिंह, महंत गुरविन्दर सिंह, बाबा बचन सिंह भूरी वाले आदि सहित कई संत महंत मौजूद रहे।

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